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पुदुचेरी में फिर लहराया राजग का परचम, रंगासामी पांचवीं बार सीएम पद के दावेदारNDA wins again in Puducherry, Rangasamy contests for CM post for the fifth time



पुदुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले राजग ने 30 सदस्यीय विधानसभा में 18 सीटें जीत/बढ़त कर पूर्ण बहुमत हासिल किया।  राजग में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी), अन्नाद्रमुक, भाजपा और लछिया जननायगा कड़गम (एलजेके) शामिल हैं।

एआईएनआरसी को 12, भाजपा को चार, अन्नाद्रमुक को एक और एलजेके को एक सीट पर जीत मिली है। वहीं कांग्रेस गठबंधन को छह सीटें ही मिली हैं। 9 अप्रैल को हुए चुनाव में 89.87% मतदाताओं ने वोट डाले थे। यह पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान है। राज्य में राजग और कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला था। अभिनेता से राजनेता बने विजय की टीवीके ने चुनावी जंग को त्रिकोणीय बनाया। टीवीके ने दो सीटों पर जीत हासिल की है।  

यमाहा आरएक्स 100 पसंदीदा बाइकरंगासामी अकसर अपनी खास यमाहा आरएक्स 100 पर यात्रा करते हैं। वह 2016 और 2026 के चुनावों में वोट डालने के लिए इसी बाइक पर सवार होकर गए। रंगासामी के समर्थकों का कहना है कि वह एक ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने बिना किसी वंशवादी मदद या किसी राष्ट्रीय पार्टी के समर्थन के, एक अस्थिर केंद्रशासित प्रदेश में तीन दशकों से भी अधिक समय तक खुद को ढालते हुए अपना अस्तित्व बनाए रखा है।

सादगी के जाने जाते हैं  रंगासामीमुख्यमंत्री एन. रंगासामी ने थट्टांचवाडी से अपनी सीट बरकरार रखी है और वह पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। रंगासामी को जूनियर कामराज भी कहा जाता है। रंगासामी (75) के पास कॉमर्स और कानून की डिग्री हैं। के. कामराज से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीतिक कॅरिअर बनाने के लिए वकालत छोड़ दी थी। उन्होंने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की अन्य तरीकों से भी नकल करने की कोशिश की है। रंगासामी अपनी सादगी भरी जीवनशैली और लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध रहने के लिए जाने जाते हैं।कल्याण और विकास योजनाओं का ट्रैक रिकॉर्डसीएम रंगासामी के नेतृत्व में राजग की जीत में जो बात कारगर साबित हुई है, वह है उनकी सरकार का कल्याण और विकास योजनाओं का ट्रैक रिकॉर्ड। इसमें बुजुर्गों के लिए पेंशन योजनाएं शामिल हैं, जिनके तहत 2,500 से 4,000 रुपये दिए जाते हैं। साथ ही, परिवारों की महिला मुखियाओं को 2,500 रुपये की नकद सहायता भी दी जाती है। उनकी सरकार ने पुदुचेरी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को भी पुनर्जीवित किया है, जबकि उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में रोजगार सृजन का श्रेय लिया है। उन्होंने कहा था कि हमने पांच वर्षों में लगभग 5,000 रिक्तियां भरी हैं। वादा किया था कि अगर उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो वे 1,000 और नौकरियां देंगे।कांग्रेस से एनआर कांग्रेस तक का सफररंगासामी ने पहली बार 1990 का पुदुचेरी विधानसभा चुनाव लड़ा और थट्टांचवाडी सीट से लगातार चार बार कांग्रेस विधायक रहे। इस दशक के दौरान उन्होंने तीन अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के अधीन कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 2001 में, रंगासामी पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने और 2006 में जब कांग्रेस ने उस वर्ष विधानसभा चुनाव जीता तो उन्हें इस पद पर फिर से नियुक्त किया गया। हालांकि, पार्टी के साथ मतभेदों के चलते 2008 में उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा।2011 के विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और एनआर कांग्रेस का गठन किया। उनका यह कदम सफल साबित हुआ और वह मुख्यमंत्री के रूप में वापस लौटे तथा उन्होंने 2016 तक कार्य किया। 2016 में वह विजयी रहे, लेकिन एनआर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ी थी और उसे केवल आठ सीटें ही मिली थीं। इसके बाद उसी साल जून में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 2021 तक विपक्ष के नेता के रूप में कार्य किया।

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