आज में दो चीतों को खुले जंगल में रिलीज करेंगे। लंबे समय से बाड़ों में निगरानी के बीच रखे गए इन चीतों को अब प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जाएगा, जहां वे खुद शिकार कर अपने अस्तित्व और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
कूनो में चीतों की वापसी को भारत के सबसे बड़े वन्यजीव पुनर्वास अभियानों में माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और जंगल में रहने के लिए तैयार पाए गए हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। कलेक्टर और एसपी ने रविवार को तैयारियों का जायजा लिया। पार्क के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है और वन अमला लगातार मूवमेंट पर नजर रखे हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद चीतों के व्यवहार, शिकार क्षमता और मूवमेंट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। शुरुआती दिनों में रेडियो कॉलर और ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
कूनो में पहले भी कई चीतों को चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया गया था। अब वन विभाग का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि वे प्राकृतिक परिस्थितियों में सफलतापूर्वक खुद को ढाल सकें और शिकार कर सकें।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार अगर चीते खुले जंगल में सफलतापूर्वक रह पाते हैं, तो यह भारत में चीता पुनर्वास परियोजना के लिए बड़ी कामयाबी मानी जाएगी। फिलहाल पूरे देश की नजर कूनो के जंगलों पर टिकी हुई है, जहां आज एक बार फिर चीते आजादी की दौड़ लगाते नजर आएंगे।

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