भारतीय वायुसेना अब पाकिस्तान सीमा पर अपनी ताकत और बढ़ाने जा रही है। स्वदेशी लड़ाकू विमान की पहली स्क्वाड्रन राजस्थान के फॉरवर्ड एयरबेस पर तैनात किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह तैनाती पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया शक्ति को मजबूत करेगी।
सूत्रों के मुताबिक राजस्थान के और पर तेजस Mk1A विमानों की तैनाती की जाएगी। ये विमान पुराने लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे, जिन्हें धीरे-धीरे सेवा से हटाया जा रहा है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तेजस Mk1A आधुनिक रडार, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और बेहतर हथियार क्षमता से लैस है। इसकी तैनाती से पाकिस्तान सीमा पर किसी भी गतिविधि पर तेजी से प्रतिक्रिया देना आसान होगा।
भारतीय वायुसेना के लिए यह तैनाती रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि राजस्थान सेक्टर पश्चिमी सीमा का संवेदनशील इलाका माना जाता है। यहां से तेजस विमान कम समय में सीमा क्षेत्रों तक पहुंचकर ऑपरेशन को अंजाम दे सकेंगे।
तेजस Mk1A को ने विकसित किया है। यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर मार करने वाली आधुनिक मिसाइलों से लैस होगा। साथ ही इसकी मेंटेनेंस क्षमता भी पुराने लड़ाकू विमानों की तुलना में बेहतर बताई जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार इस तैनाती से भारतीय वायुसेना को लंबे समय तक लगातार अभियान चलाने, तेज़ तैनाती और कम लागत वाले ऑपरेशन में मदद मिलेगी। यह कदम भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति और स्वदेशी सैन्य तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में भी बड़ा माना जा रहा है।

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