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इंदौर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए कतार में परेशान हो रहे किसान, घंटों बाद आ रहा नंबरFarmers in Indore district are struggling to sell wheat at the support price, their turn coming after hours.


इंदौर। समर्थन मूल्य पर किसानों गेहूं की खरीद शुरू हुए एक महीना होने जा रहा है। स्लाट बुकिंग में अब रकबे की सीमा हटा दी गई है। इसके बाद से अब अपनी उपज लेकर मंडी में बेचने वाले किसानों की संख्या भी बढ़ती दिख रही है।

इंदौर में गेहूं खरीद के लिए लक्ष्मीबाई अनाज मंडी में केंद्र बनाया गया है। मंडी में अहिल्या सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया संस्था उपार्जन प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभाल रही है। जबकि मंडी समिति मंडी में किसानों के लिए आधारभूत सुविधाओं को जुटाने के लिए जिम्मेदार है। सोमवार को मंडी में उपज लेकर पहुंचे किसान इस बात से संतुष्ट थे कि व्यवस्थाओं में सुधार तो दिख रहा है लेकिन इंतजार का समय बढ़ चुका है।

मंडी में गेहूं खरीद और तुलवाने के लिए दस इलेक्ट्रानिक कांटे लगाए गए हैं। सोमवार दोपहर तीन बजे भी 10 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्राली में गेहूं भरकर अपनी तुलवाने की बारी के इंतजार में खड़े थे। ग्राम जंबुड़ी से आए किसान विजय सिंह लंबे इंतजार से परेशान दिखे।


उन्होंने कहा कि सुबह आठ बजे मंडी पहुंचा था। जो टोकन मुझे दिया गया उसमें 40 नंबर लिखा है। मंडी में दस कांटे लगे हैं। दोपहर तीन बजे तक सात घंटे हो चुके हैं। एक घंटे में भी एक कांटे पर एक किसान माल तोला जाए तो भी चार घंटे में 40 वां नंबर आ जाना चाहिए था। हालांकि अब तक 36-37 नंबर के टोकन वाले किसानों का नंबर भी नहीं आ सका है। हमें बताया जा रहा है कि तुलावटी व हम्माल की कमी है इसलिए गेहूं तुलने में देरी हो रही है।

कैंटीन शुरू लेकिन खाना नहीं


मंडी की ओर से कैंटीन में किसानों के लिए पांच रुपये भोजन की व्यवस्था का बड़ा सा बोर्ड लगाया गया है। मंडी की कैंटीन में पैसे देकर नाश्ता तो मिल रहा है लेकिन पांच रुपये की दर पर भोजन नहीं मिल रहा। कैंटीन वाले से बात करने पर वह कहता है भोजन उपलब्ध है लेकिन खत्म हो गया है। बताया जा रहा है कि कम दर होने के कारण भोजन देने में जानबूझकर आनाकानी की जा रही है।

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