भोपाल मेट्रो परियोजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। शहर में प्रस्तावित भूमिगत मार्ग को लेकर वक्फ संपत्तियों और प्राचीन कब्रिस्तानों पर आपत्ति दर्ज की गई है। मामला अब कानूनी स्तर तक पहुंच गया है, जहां वक्फ बोर्ड की कमेटी ने मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में याचिका दायर कर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
विवाद भोपाल टॉकीज क्षेत्र स्थित पुराने कब्रिस्तान और नारियलखेड़ा की वक्फ भूमि से जुड़ा है। कमेटी का कहना है कि इन स्थानों के नीचे से मेट्रो लाइन निकालने की योजना धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से संवेदनशील है। याचिका में दावा किया गया है कि इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में कब्रें मौजूद हैं और निर्माण से उनके अस्तित्व को खतरा हो सकता है।
कमेटी की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने दलील दी कि कब्रिस्तानों की मूल प्रकृति को बदला नहीं जा सकता। उनका कहना है कि भले ही मेट्रो सुरंग भूमिगत होगी, लेकिन खुदाई और कंपन से कब्रों और धार्मिक ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
दूसरे मामले में नारियलखेड़ा स्थित वक्फ जमीन पर बिना अनुमति निर्माण करने के आरोप लगाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद वहां खंभों के लिए खुदाई और निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसे अवैध बताते हुए तत्काल रोक और स्थिति यथावत रखने की मांग की गई है।
वक्फ पक्ष का कहना है कि किसी भी वक्फ संपत्ति के उपयोग से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है, जिसमें अनुमति लेना अनिवार्य होता है। फिलहाल अधिकरण के सामने दोनों मामलों की सुनवाई होने के बाद ही आगे की दिशा तय होगी।

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