नई दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लागू करने की तैयारी में जुट गया है। विधानसभा चुनाव में बदलाव के बाद इस योजना को राज्य में शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन के बाद यह पहली प्रमुख स्वास्थ्य योजना हो सकती है, जिसकी घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी अपने संबोधन में संकेत दिया था कि राज्य की पहली मंत्रिपरिषद बैठक में इस योजना पर निर्णय लिया जा सकता है।
अब तक पश्चिम बंगाल इस योजना से बाहर रहा था और राज्य सरकार अपनी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना चला रही थी। दोनों योजनाओं का उद्देश्य लोगों के इलाज का खर्च कम करना है, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली अलग रही है। आयुष्मान भारत योजना में पात्र परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक का उपचार कवर मिलता है और देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से राज्य के लोगों को देशभर में इलाज की सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक सहयोग भी आएगा। हालांकि, लाभार्थियों के आंकड़ों और अस्पतालों के समन्वय को लेकर शुरुआती चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
आने वाले समय में यह भी तय होगा कि राज्य अपनी मौजूदा योजना को जारी रखेगा या दोनों योजनाओं को मिलाकर कोई नया मॉडल

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