एक ओर प्रधानमंत्री Narendra Modi देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी ही पार्टी के एक नेता का भव्य शक्ति प्रदर्शन अब लोगों के निशाने पर आ गया है।
मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष Saubhagya Singh Thakur के पदभार ग्रहण समारोह के लिए उज्जैन से भोपाल तक निकला विशाल काफिला चर्चा का विषय बन गया। करीब 200 से अधिक वाहनों के साथ निकले इस काफिले ने कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था बिगाड़ दी और बड़ी मात्रा में ईंधन खर्च होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सोनकच्छ, भौरासा सहित कई स्थानों पर स्वागत कार्यक्रमों के नाम पर सड़कें घेर ली गईं। जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही और आम लोगों को घंटों परेशान होना पड़ा। कई वाहन लंबी कतारों में फंसे रहे, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।
भोपाल पहुंचने के बाद भी वीवीआईपी इलाकों में काफिले का असर दिखाई दिया। अरेरा हिल्स से पुरानी जेल मार्ग तक यातायात धीमा पड़ गया और हजारों लोग जाम में फंसे रहे।
अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब देश को ईंधन बचाने का संदेश दिया जा रहा है, तब सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा इस तरह का शक्ति प्रदर्शन क्या उचित है। विपक्ष इसे संसाधनों की खुली बर्बादी बता रहा है, जबकि समर्थक इसे कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहे हैं।

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