United States ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच बड़ा कदम उठाया है। ईरान-इजराइल टकराव के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 53.3 मिलियन बैरल कच्चा तेल कंपनियों को उधार देने का फैसला किया है।
अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और ईंधन महंगाई कम करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं, तो तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार अमेरिका का आपातकालीन तेल भंडार है, जिसका उपयोग वैश्विक संकट, युद्ध या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में किया जाता है। अब इसी भंडार से तेल कंपनियों को अस्थायी तौर पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि बाजार में आपूर्ति बनी रहे और कीमतों में अचानक उछाल न आए।
विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल है। यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से तेल आपूर्ति पर निर्भर है।
अमेरिका के इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजर अब पश्चिम एशिया की स्थिति पर टिकी हुई है। अगर तनाव लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।

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