उज्जैन शैलेंद्र सिंह कुशवाहा
उज्जैन : बच्चों की बड़े स्तर पर तस्करी की सूचना मिलने पर गुरुवार देर रात उज्जैन से लेकर नागदा रेलवे स्टेशनों तक ट्रेनों में व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान अंत्योदय एक्सप्रेस से 23 नाबालिगों का रेस्क्यू किया गया. 3 वयस्कों को भी ट्रेन से उतार लिया गया.
पुलिस के साथ ही सरकारी विभागों की टीमों द्वारा सघन पूछताछ करने के बाद भी तस्वीर साफ नहीं हुई कि नाबालिगों को अहमदाबाद किस मकसद से ले जाया जा रहा था. इन्हें ले जाने वाला भी कोई जिम्मेदार व्यक्ति टीमों को नहीं मिला.
उज्जैन से नागदा तक रेस्क्यू ऑपरेशन
उज्जैन पुलिस, जीआरपी के अलावा बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग ने मिलकर आधी रात के बाद तक सर्च ऑपरेशान चलाया. बाल कल्याण समिति उज्जैन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर से गुजरात के अहमदाबाद की ओर जा रही अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन में लगभग 100 नाबालिग को तीर्थ दर्शन एवं मजदूरी के बहाने ले जाया जा रहा है.
तस्करी की आशंका में बाल कल्याण समिति उज्जैन ने मामले को गंभीरता से लिया. इसके बाद उज्जैन पुलिस और जीआरपी-आरपीएफ व अन्य टीमों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशान चलाया.
सभी नाबालिग जीआरपी के हवाले
उज्जैन सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया "3 बालिग एवं 1 नाबालिग को उज्जैन स्टेशन और 22 नाबालिगों को नागदा स्टेशन से उतारा गया. सभी की उज्जैन में काउंसलिंग की जा रही है. जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा. सभी नाबालिग उज्जैन जीआरपी के पास हैं. उनके माता-पिता से बात करने के बाद ही आगे की कार्रवाईं की जाएगी. नाबालिगों के साथ 3 वयस्क लोगों को भी ट्रेन से उतारा गया है. उनसे भी पूछताछ की जा रही है."ट्रेन उज्जैन रात 11:30 बजे पहुंची. जहां से हमने 3 बालिग और एक नाबालिग को पकड़ा है. नागदा स्टेशन से भी 22 नाबालिगों का रेस्क्यू किया है. पूछताछ में अभी अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. कोई कह रहा है कि सोमनाथ दर्शन जा रहे थे, कोई मजदूरी की बात कर रहा है. इनके साथ कोई नियोजक नहीं मिला. फिलहाल कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी. इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि नाबालिगों को मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था, हर एंगल से जांच की जा रही है."

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