इंदौर ।बौद्धिक प्रतिकार
आधुनिक अस्पतालों के साथ योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी को मिलेगा बढ़ावा, स्वास्थ्य और पर्यटन का बनेगा नया हब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल एक बड़े प्रोजेक्ट के तहत अब इंदौर और उज्जैन के बीच मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं और वेलनेस टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनाना है।
जानकारी के मुताबिक इस मेडिकल टूरिज्म कॉरिडोर में अत्याधुनिक अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर, वेलनेस सेंटर और रिसर्च सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही योग, आयुर्वेद, पंचकर्म और नेचुरोपैथी जैसी पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इंदौर और उज्जैन का भौगोलिक और धार्मिक महत्व इस परियोजना को खास बनाता है। एक ओर इंदौर आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तेजी से उभर रहा है, वहीं उज्जैन धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र है। ऐसे में दोनों शहरों को जोड़कर हेल्थ और स्पिरिचुअल टूरिज्म का नया मॉडल तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से देश-विदेश के मरीजों और पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रदेश में रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बताया जा रहा है कि प्रोजेक्ट के तहत निजी निवेशकों और हेल्थ सेक्टर की बड़ी कंपनियों को भी जोड़ा जाएगा। आने वाले समय में यह कॉरिडोर मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।
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