प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1998 में आज ही के दिन भारत द्वारा किए गए ऐतिहासिक परमाणु परीक्षणों का स्मरण किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संस्कृत श्लोक “सुभाषितम्” साझा करते हुए कहा कि इन परमाणु परीक्षणों ने भारत के अटूट संकल्प, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय शक्ति का परिचय दुनिया के सामने रखा था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षणों के बाद भारत पर वैश्विक स्तर पर कई तरह के दबाव बनाए गए, लेकिन देश ने दृढ़ता और साहस के साथ यह साबित कर दिया कि कोई भी शक्ति भारत को झुका नहीं सकती। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत की सामरिक क्षमता, वैज्ञानिक शक्ति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है।
गौरतलब है कि 11 मई 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राजस्थान के पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किए गए थे, जिन्हें “ऑपरेशन शक्ति” नाम दिया गया था। इसके बाद भारत दुनिया के परमाणु संपन्न देशों में शामिल हो गया था।

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