इंदौर के चर्चित फर्जी NOC मामले पर Indian National Congress अब खुलकर मैदान में उतर आई है। पार्टी ने सीधे Mohan Yadav सरकार को निशाने पर लेते हुए Public Works Department (PWD) से जुड़े मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि “ऊपर तक पहुंची मिलीभगत” का मामला हो सकता है। हालांकि, पार्टी ने किसी मंत्री का स्पष्ट नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
प्रवक्ताओं ने सवाल दागे:
क्या बिना राजनीतिक संरक्षण के फर्जी NOC जारी हो सकती है?
जांच सिर्फ निचले स्तर तक सीमित क्यों रखी जा रही है?
क्या सरकार बड़े नामों को बचाने की कोशिश कर रही है?
कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक या SIT जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सरकार की स्थिति
अब तक सरकार की ओर से सीधे तौर पर किसी मंत्री या अधिकारी की भूमिका स्वीकार नहीं की गई है। जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कह रही हैं।
मामला अब प्रशासनिक दायरे से निकलकर पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है।
जब तक जांच में आधिकारिक तौर पर नाम सामने नहीं आते, तब तक आरोप और जवाब—दोनों ही सियासत का हिस्सा बने रहेंगे।

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