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अचानक हार्ट अटैक क्यों आ जाता है, Heart सर्जन ने बताई वजह, वो 2 टेस्ट भी जानिए जो बचाएंगे आपकोHeart surgeon explains why sudden heart attacks occur, and also learn about the two tests that will save you.

 

हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने आज हर किसी को चिंता में डाल दिया है। जिम में वर्कआउट करते हुए, डांस फ्लोर पर या खेल के मैदान में अचानक गिरकर होने वाली मौतों के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि ये घटनाएं उन लोगों के साथ भी हो रही हैं जो बाहर से पूरी तरह फिट नजर आते हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? पिछले दिनों दिग्गज हार्ट सर्जन और 'इंस्टीट्यूट ऑफ हार्ट एंड लंग डिजीज' (IHLD) के चेयरमैन डॉ. राहुल चंदोला ने इस 'साइलेंट किलर' की वजह और इससे बचने के सटीक उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।


क्यों बढ़ रहा है अचानक हार्ट अटैक का खतरा?

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. राहुल चंदोला का कहना है कि इस अचानक हार्ट अटैक के पीछे हमारी 'साइलेंट लाइफस्टाइल' के जोखिम जिम्मेदार हैं। हम रोज अपने दिल पर जो 'शांत तनाव' डालते हैं, वही बाद में जानलेवा साबित होता है। इसके मुख्य कारण भी उन्होंने गिनाए।

शारीरिक निष्क्रियता: घंटों एक जगह बैठकर काम करना।

नींद की कमी: सोने का कोई निश्चित समय न होना और पर्याप्त नींद न लेना।

बढ़ता तनाव: मानसिक तनाव सीधे दिल की धमनियों को प्रभावित करता है।

प्रोसेस्ड फूड: डाइट में पैकेट बंद और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन की अधिकता।

वे 2 टेस्ट जो आपकी जान बचा सकते हैं

डॉक्टरों का मानना है कि ईसीजी (ECG) और इकोकार्डियोग्राफी जैसे पारंपरिक टेस्ट कई बार दिल की पूरी तस्वीर साफ नहीं कर पाते। ऐसे में दो आधुनिक तरीके काफी प्रभावी साबित हो रहे हैं।

1. एपोलिपोप्रोटीन बी (apoB) टेस्ट: कोलेस्ट्रॉल से भी सटीक

नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन, यूएस के वैज्ञानिकों के शोध के मुताबिक पारंपरिक LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) टेस्ट की तुलना में apoB टेस्ट हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम का कहीं ज्यादा सटीक अंदाजा लगा सकता है। सामान्य टेस्ट कोलेस्ट्रॉल की मात्रा मापते हैं, लेकिन apoB उन हानिकारक कणों की संख्या गिनता है जो धमनियों में ब्लॉकेज पैदा करते हैं। हर खतरनाक कण में एक apoB प्रोटीन होता है, जिससे रिस्क का सही पता चलता है।

2. वियरेबल बायो सेंसर (Wearable Biosensors)

हार्ट एक्सपर्ट्स ने iLiveConnect जैसी नई तकनीक पर जोर दिया है। यह एक पैच की तरह शरीर पर लगाया जाता है जो कई दिनों तक आपके दिल की गतिविधियों को ट्रैक करता है। चाहे आप सो रहे हों, काम कर रहे हों या एक्सरसाइज, यह रियल-टाइम डेटा कैप्चर करता है जो बीमारी होने से पहले ही उसकी पहचान करने में मदद करता है।

दिल को स्वस्थ रखने के ये 5 नियम नोट कर लीजिए

एक्सपर्ट के मुताबिक तकनीक मदद कर सकती है, लेकिन बुनियादी आदतें ही असली सुरक्षा हैं:

1- हर रात कम से कम 7 से 7.5 घंटे की नींद अनिवार्य है।

2- 150 मिनट की एक्सरसाइज: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट शारीरिक गतिविधि करें। तेज चलना भी दिल के लिए बहुत अच्छा है।

3- भोजन के समय को नियमित रखें।

4- 40 की उम्र पार करने के बाद नियमित हार्ट चेकअप जरूर करवाएं।

5- प्रोसेस्ड फूड से दूरी: नमक, चीनी और प्रोसेस्ड खाने का सेवन न्यूनतम करें।

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