65 वर्षीय एक मरीज, जो बार-बार पैर में गैंग्रीन तथा पूर्व में पैर की उँगली के विच्छेदन (टो एम्प्यूटेशन) की history के साथ अस्पताल पहुँचे थे, उनका सफलतापूर्वक पेरिफेरल एथरेक्टॉमी द्वारा उपचार किया गया।
यह प्रक्रिया इंदौर में पहली बार तथा मध्य प्रदेश में दूसरी बार की गई पेरिफेरल एथरेक्टॉमी है, जो राज्य में लिंब-सेल्वेज (पैर बचाने) की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
यह संपूर्ण उपचार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत निःशुल्क किया गया, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।
इस प्रक्रिया में Jetstream™ Atherectomy System का उपयोग किया गया, जो धमनियों में जमी एथेरोस्क्लेरोटिक प्लाक को सुरक्षित रूप से हटाकर रक्त प्रवाह को पुनः स्थापित करता है तथा बड़े पैर के विच्छेदन की संभावना को कम करता है।
यह जटिल प्रक्रिया डॉ. अभिषेक कोटवाल द्वारा निम्न वरिष्ठ अधिकारियों एवं चिकित्सकों के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न की गई:
डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन
डॉ. डी. के. शर्मा, अधीक्षक
डॉ. अमन गुप्ता
डॉ. अलका अग्रवाल
इस अवसर पर अस्पताल की पूरी CTVS टीम को विशेष धन्यवाद दिया गया, विशेष रूप से डॉ. पीयूष गुप्ता, जिन्होंने केस को रेफर किया तथा पूरे उपचार के दौरान निरंतर सहयोग और समर्थन प्रदान किया।
साथ ही, इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैथ लैब के समस्त स्टाफ को उनके समर्पण, तकनीकी दक्षता एवं सहयोग के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया गया।
इसके अतिरिक्त, Boston Scientific टीम का भी विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके तकनीकी सहयोग और समर्थन से यह उन्नत प्रक्रिया सफलतापूर्वक संभव हो सकी।
यह उपलब्धि MGM सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल को मध्य भारत में उन्नत एंडोवैस्कुलर एवं लिंब-सेल्वेज उपचार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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