यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नहयान सोमवार को चंद घंटों के लिए नई दिल्ली आए.
इस दौरे ने दिसंबर 2021 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दौरे की याद दिला दी, जब वह केवल पाँच घंटे के लिए भारत आए थे. पुतिन के इस छोटे दौरे की वजह कोविड महामारी बताई गई थी.
यूएई और ईरान में भारत के राजदूत रहे केसी सिंह ने द ट्रिब्यून में लिखा है कि इस यात्रा की पूर्व सूचना न होना इशारा करता है कि गल्फ़ और पश्चिम एशिया में तेज़ी से बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के कारण चीज़ें सामान्य नहीं हैं.
यूएई के राष्ट्रपति जब दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुँचे तो उनकी अगवानी में भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ख़ुद खड़े थे. पीएम मोदी ऐसी गर्मजोशी दुनिया के कम ही नेताओं के लिए दिखाते हैं.
पिछले महीने यूएई के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का भी दौरा किया था. यूएई के राष्ट्रपति भले नई दिल्ली कुछ घंटों के लिए ही आए लेकिन एक साथ कई समझौते हुए. इनमें से सबसे ज़्यादा चर्चा स्ट्रैटिजिक डिफेंस पार्टनरशिप के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर दोनों देशों के हस्ताक्षर की हो रही है.

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