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विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम कोऑपरेटिव में भाजपा की जीत, ये हार तृणमूल के लिए कितना बड़ा झटका?The BJP's victory in the Nandigram cooperative before the assembly elections: How big a blow is this defeat for the Trinamool Congress?




पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले बंगाल का सियासी पारा चढ़ा हुआ है. पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर बीजेपी के नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था. इस चुनाव में टीएमसी नंदीग्राम में जीत का टारगेट रखा और विशेष टीम को तैनात किया है. लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले ही टीएमसी को नंदीग्राम में बड़ा झटका लगा है.

बीजेपी के नेता सुवेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में एक और कोऑपरेटिव चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को बुरी तरह हराया. राज्य की सत्ताधारी पार्टी नंदीग्राम विधानसभा के नंदीग्राम 1 के गंगरा समाबे कृषि उन्नयन समिति लिमिटेड की मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल पाई. उस कोऑपरेटिव सोसाइटी की सभी 9 सीटों पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.

रविवार को इस कोऑपरेटिव के नतीजे घोषित होने के बाद इलाके में तनाव फैल गया. ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस की कोर कमेटी के सदस्य बप्पादित्य गर्ग की पिटाई के आरोप लगे. हालात को काबू में करने के लिए इलाके में पुलिस तैनात कर दी गई है.

सभी नौ सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों की जीत

उस कोऑपरेटिव सोसाइटी की वोटिंग प्रक्रिया कड़ी पुलिस सुरक्षा में हुुई. वोटिंग के दौरान कोई अशांति न फैले, इसके लिए नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के आईसी प्रोसेनजीत दत्ता खुद अलर्ट पर थे. उन्होंने खुद खड़े होकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की. नंदीग्राम पुलिस स्टेशन के आईसी को भीड़ को हटाने की धमकी देते हुए भी देखा गया.

गंगरा कोऑपरेटिव एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट एसोसिएशन लिमिटेड की मैनेजमेंट कमिटी के चुनाव में तृणमूल और बीजेपी ने सभी 9 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. माकपा ने दो सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. वोटिंग के बाद काउंटिंग शुरू हुई. बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने सभी 9 सीटें जीतीं.

सुवेंदु अधिकारी ने दी जीत की बधाई

जीत के तुरंत बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एक-दूसरे को भगवा रंग से रंग दिया. उन्होंने जीत का जुलूस भी निकाला. नंदीग्राम के विधायक सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कोऑपरेटिव चुनाव जीतने वाले सदस्यों को बधाई दी.

कोऑपरेटिव चुनाव में जीत के बाद बीजेपी के तमलुक ऑर्गेनाइजेशनल डिस्ट्रिक्ट जनरल सेक्रेटरी मेघनाथ पाल ने कहा, यह जीत सुवेंदु अधिकारी की जीत है. नंदीग्राम के लोगों की जीत है. हमें इस जीत का यकीन था, लेकिन, इस जीत से हमारे कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जोश और भी बढ़ गया.

बीजेपी की जीत के बाद तनाव

इस बीच, बीजेपी के कोऑपरेटिव चुनाव जीतने के बाद इलाके में टेंशन फैल गई. नंदीग्राम 1 ब्लॉक के तृणमूल कोर कमेटी मेंबर बप्पादित्य गर्ग को कथित तौर पर पीटा गया. नंदीग्राम हॉस्पिटल में इलाज के लिए आए बप्पादित्य ने कहा, “कोऑपरेटिव चुनाव नॉन-पॉलिटिकल होते हैं. कोऑपरेटिव चुनाव जीतने के बाद बीजेपी के बदमाशों ने मुझ पर हमला किया. उन्होंने मुझे थप्पड़ और घूंसे मारे. मुझे पीटने वालों के खिलाफ मैं एडमिनिस्ट्रेशन से बात कर रहा हूं.”

दूसरी ओर, बीजेपी ने आरोप लगाया कि कोऑपरेटिव के नतीजे आने के बाद पुलिस ने उनके वर्कर्स और सपोर्टर्स पर लाठियां चलाईं. इस घटना को लेकर इलाके में टेंशन फैल गया है, हालात से निपटने के लिए पुलिस तैनात कर दी गई है.

बीजेपी की जीत के मायने

पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले टीएमसी और बीजेपी राज्य में पूरी ताकत लगा रही है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राज्य का दौरा शुरू किया है और बीजेपी के आला नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री लगातार बंगाल का दौरा कर रहे हैं.

ऐसे में नंदीग्राम में यह जीत बीजेपी के लिए बड़े मायने रखती है. पिछले चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी पराजित हुई थीं और इस बार जीत की पूरी तैयारी कर रही है. ऐसे में टीएमसी के लिए यह हार बड़ा झटका माना जा रहा है.

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