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स्काउट गाइड के आयोजन पर विवादों का साया, 10 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप ! The Scout and Guide event is shrouded in controversy, with allegations of 10 crore rupees in corruption!

छत्तीसगढ़ में नौ से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी पर विवाद गहरा गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को स्थगित करने की घोषणा कर दी।



मंगलवार शाम इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस सूचना के बाद स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त इंदर जीत सिंह खालसा ने इसे भ्रामक प्रचार बताते हुए मोर्चा खोल दिया। पूरे प्रकरण में बड़ी चुनौती के रूप में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद की दावेदारी मुख्य है। दोनों अध्यक्ष होने का दावा कर रहे हैं।

बृजमोहन का दावा है कि 10 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के कारण आयोजन को रद कर दिया गया है। इस आयोजन को नवा रायपुर में होना था, परंतु गलत तरीके से बालोद में व्यवस्था की गई है। यदि आयोजन होता है तो यह शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी होगी।

आरोप है कि मामले में बिना अनुमति स्थान परिवर्तन और नियमों की अनदेखी की गई है। मामले में राज्य जंबूरी के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। नियमत: यह राशि स्काउट गाइड के खाते में जानी थी, लेकिन इसे जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बालोद के खाते में स्थानांतरित कर दिया गया। इस जंबूरी में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 12 हजार से 15 हजार रोवर-रेंजरों के आगमन की संभावना है। 5,500 लोग पहुंच चुके हैं।

कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ

गजेंद्र यादव स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भिलाई में कहा कि कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। स्काउट गाइड का सालभर का कार्यक्रम पहले से तय रहता है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे मिथ्या हैं। सरकार को बदनाम किया जा रहा है।

कार्यकारिणी ने तय किया स्थल

खालसा स्काउट एवं गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त इंदर जीत सिंह खालसा आयोजन स्थल के विवाद पर अनभिज्ञता जता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें नवा रायपुर के पुराने प्रस्ताव की जानकारी ही नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य की कार्यकारिणी ने तय किया था कि आयोजन बालोद में किया जाए।

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