राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमू में अचानक हिंसा भड़क उठी। यहां एक धार्मिक स्थल के पास पड़े पत्थरों को उठाने को लेकर दो समुदायों के बीच बवाल मच गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन इस विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि भीड़ ने पुलिस पर ही पत्थरबाजी शुरू कर दी। पीटीआी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में चार पुलिस वाले घायल हो गए। चौमू में इस समय भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति कंट्रोल में भी आ गई है।
जयपुर के पश्चिम डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि "यहां एक कलंदरी मस्जिद है, जहां अतिक्रमण को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। एक पक्ष ने स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया, लेकिन कुछ लोगों ने लोहे के कोण लगाकर इसे स्थायी रूप से फिर से स्थापित करने की कोशिश की। जब हम इन ढांचों को हटा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। हम इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। फिलहाल इलाके में शांति है।"
चौमू में भड़की हिंसा
जयपुर से 40 किलोमीटर दूर चौमू में बस स्टैंड के पास एक मस्जिद के बाहर पड़े पत्थरों को हटाने को लेकर विवाद हो गया। ये घटना 25 से 26 दिसंबर की रात 3 बजे की है, जिसके कारण आधी रात में चोमू में तनाव फैल गया।
जयपुर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस घटना के वक्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
इंटरनेट सेवा बंद
चौमू में 26 दिसंबर की सुबह 7:00 बजे से 27 दिसंबर की सुबह 7:00 बजे तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। इस मामले को शांत करने के लिए ये कदम उठाया गया है।
धार्मिक स्थल के पास करीब 45 सालों से सड़क किनारे पत्थर पड़े थे। चौमू में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए इन पत्थरों को यहां से हटाने का काम चल रहा है, इसी के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
प्रशासन ने इस घटना से जुड़े समुदाय के प्रतिनिधियों से बात भी की थी। इस मामले में आपसी सहमति के बाद ही प्रशासन ने इलाके में इन पत्थरों को हटाने का काम शुरू किया था।
चौमू के इस इलाके में पत्थर हटाने का काम भी पूरा हो गया था। लेकिन जैसे ही यहां रेलिंग लगाने का काम शुरू किया गया, तो कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों के इसी विरोध ने हिंसा का रूप ले लिया।

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